काव्यांश (विषय - नायक सौन्दर्य)

अधर धरत हरि कैं

1.    अधर धरत हरि कैं, परत ओठ-डीठि-पट-जोति। Read More

आगें सोहै साँवरो कुँवरु गोरो पाछें-पाछें

आगें सोहै साँवरो कुँवरु गोरो पाछें-पाछें,
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ऊधो! अब यह समुझ भई

ऊधो! अब यह समुझ भई।
नँदनंदन के अंग अंग प्रति…

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कल कानन कुण्डल मोरपखा

कल कानन कुण्डल मोरपखा उर पैं बनमाल बिराजति है। Read More

को ललचाइ न लाल के लखि ललचौंहैं नैन

1.    पट सौं पोंछि परी करौ, खरी-भयानक-भेष। Read More

कौन भाँति रहिहै बिरदु

1.    निज करनी सकुचेहिं कत सकुचावत…

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खंजन नैन फँसे पिंजरा

खंजन नैन फँसे पिंजरा छवि नाहि रहै थिर कैसहूँ माई। Read More

गोरज बिराजै भाल लहलही बनमाल

गोरज बिराजै भाल लहलही बनमाल
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जा दिन तें निरख्यो नन्दनन्दन

जा दिन तें निरख्यो नन्दनन्दन कानि तजी घर बन्धन…

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ठाढ़े हैं नवद्रुमडार गहें

ठाढ़े हैं नवद्रुमडार गहें, धनु काँधें धरें, कर सायकु…

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नयननि वहै रूप जौ देख्यो

नयननि वहै रूप जौ देख्यो।
तौ ऊधो यह जीवन जग…

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नैन लख्यो जब कुंजन तें

नैन लख्यो जब कुंजन तें वन तें निकस्यो अँटक्यो मटक्यो…

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पद कोमल, स्यामल-गौर कलेवर

पद कोमल, स्यामल-गौर कलेवर राजत कोटि मनोज लजाएँ। Read More

प्रेम सों पीछें तिरीछें

प्रेम सों पीछें तिरीछें प्रियाहि चितै चितु दै चले…

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बंक बिलोकनि है दुखमोचन

बंक बिलोकनि है दुखमोचन दीरघ लोचन रंग भरे हैं। Read More

ब्याही अनब्याही ब्रजमाहीं सब चाही तासों

ब्याही अनब्याही ब्रजमाहीं सब चाही तासों
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भौंह भरी बरुनी सुथरी

भौंह भरी बरुनी सुथरी अतिसै अधरानि रंगी रंग रातौ। Read More

मकराकृति गोपाल कैं

1.    बहके, सब जिय की कहत, ठौरु…

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मुखपंकज, कंजबिलोचन मंजु

मुखपंकज, कंजबिलोचन मंजु, मनोज-सरासन-सी बनीं भौंहैं। Read More

मैन मनोहर बैन बजै

मैन मनोहर बैन बजै सु सजे तन सोहत पीत पटा है। Read More

राधेय सान्ध्य पूजन में ध्यान लगाये

राधेय सान्ध्य पूजन में ध्यान लगाये,
था खड़ा…

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राम सरासन तें चले

राम सरासन तें चले तीर रहे न सरीर हड़ावरि फूटीं। Read More

लाल; तुम्हारे रूप की, कहौ, रीति यह कौन

1.    जसु अपजसु देखत नहीं देखत साँवल-गात। Read More

लोक की लाज तजी तबहीं

लोक की लाज तजी तबहीं जब देख्यो सखी ब्रजचन्द सलोनो। Read More

सर चारिक चारु बनाइ कसें कटि

सर चारिक चारु बनाइ कसें कटि, पानि सरासनु सायकु…

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साँवरे-गोरे सलोने सुभायँ

साँवरे-गोरे सलोने सुभायँ, मनोहरताँ जिति मैनु लियो…

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सोहत है चँदवा सिर मौर

सोहत है चँदवा सिर मौर के जैसियै सुन्दर पाग कसी…

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